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Friday, August 3, 2012

माँ ...............

"
काँटों पर चलकर जिसने फूलों का आशियाना सजाया ,
शोलों पर चलकर जिसने हमें अंगारों की तपन से बचाया ,
खुद को भूलकर जिसने हमें जीना सिखाया ,
बारिश में भीगकर जिसने हमें , धूप से छिपाया ,
वो कौन है ??????

वो माँ है , माँ है ....
हम सबकी दुलारी माँ हैं ..................

"प्रियंका त्रिवेदी
"

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