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Thursday, December 4, 2014

Khuda Ki Inayat .....

आपसे मिले  ये खुदा  की इनायत थी ,
आपने चाहा  ये  हमारी शौहरत  थी ,
आपको पाया  हमारी   बरक्कत थी ,
कोई नहीं इस जग में हम सा खुशनसीब ,
जिसके पास आपसे प्यारी दौलत थी ,
मिलें  आपको दुनिया की हर एक खुशियाँ ,
खिलखिलाता रहे घर आँगन आपका सदा ,
बस इतनी ही है दुआ रब से,
आपके  दिल के छोटे से कोने में हो घर अपना। …


-प्रियंका त्रिवेदी

Friday, November 8, 2013

चाह हो तुम .....

Dedicated 2 my Ashu bhaiya ....
राह   भी तुम , आह भी तुम
धड़कते दिल की चाह भी तुम। …
ना परवाह तुम्हे चाह की , ना दिल में तुम्हारे राह मेरी। …

जी रहा हूँ दिल में मोहब्बत की  शमा जलाये। ....

सुना  है कि जलाने और तपाने से तो पत्थर भी सोना (गोल्ड ) बन जाता है। …।

-प्रियंका त्रिवेदी। ...

Monday, July 29, 2013

भूख ...............

 अर्ज़ किया  है … 

ज़रा गौर फरमाईयेगा … 

कि राहों की गन्दगी घर पे दुबक कर बैठने से साफ़ नहीं होती 

राहों की गन्दगी घर पे दुबक कर बैठने से साफ़ नहीं होती …. 
                                    और 
पांच रुपये की सियासी खिचड़ी से भूखों की  भूख माफ़ नहीं होती … 


- प्रियंका त्रिवेदी … 

Monday, July 15, 2013

प्यार .......

  प्यार को , प्यार से ,प्यार के लिए , प्यार  पर ,  कुर्बान कर देना ही प्यार है


 TO DEDICATE THE LOVE , BY LOVE, FOR LOVE, ON LOVE IS THE LOVE .....



-  प्रियंका  त्रिवेदी 


Monday, June 24, 2013

मोहब्बत ....

राह - ए - मोहब्बत  की मन्जिल दरकिनार नहीं  होती ,
जूनून - ए - मोहब्बत की राह खुशगवार  नहीं होती ,

यूँ  तो तमाम अडचनें आती हैं मोहब्बत की राह में ,
पर  वो मोहब्बत ही क्या  जो राह - ए -  बंदिशों  से गुलज़ार नहीं होती ,

सच्चे प्यार की कभी हार नहीं होती ,
क्योंकि सच्ची मोहब्बत अधिकार जताने का नाम नहीं होती !! 


-प्रियंका त्रिवेदी 

Tuesday, June 18, 2013

ये किधर चला तू .......

ग़मगीन करके  सारा जहां
तोड़ कर सारी बन्दिशें
छोड़ करके मुझे यूँ तन्हा
बिखेर कर ख्वाबों के शामियाने
चल दिया तू खुद से ही दूर
देने चला था तू मुझे ख़ुशी देने
बदले में खुद को ही गम दे गया
 खुद को ही गम दे गया !!


"प्रियंका त्रिवेदी"


Tuesday, May 28, 2013

 दिल  का चैन ओ करार  सब तेरे सज़दे पे वारे यार ....... 

 - प्रियंका त्रिवेदी