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Monday, December 26, 2011

बेटियां ..........

मासूम सी मुस्कान बिखेरती हैं बेटियां
बहुत ही प्यारी सी कलियाँ है बेटियां
इन्हें खिलने दें ., इन्हें खिलने से पहले ही
न मुरझाने दें ,,, क्योंकि इस संसार की
अमूल्य धरोहर हैं ,, आपकी ये बेटियां ..........

इन्हें बोझ न समझे ... इन्हें अपने प्यार
और दुलार से बढ़ने दें .. इनका हाथ थामकर
इन्हें आगे बढ़ने में मदद करें .....
क्योंकि किसी से कम नही है बेटियां ....

तेज धूप में छाव की तरह है बेटियां
अँधेरे में ,, प्रकाश की एक किरण है बेटियां
मुरझाये चेहरों पर एक मुस्कान की तरह है बेटियां
गम में ,,, ख़ुशी की लहर की तरह है बेटियां
प्यारी सी कलियों की तरह हैं बेटियां ...

बढने दो इन्हें ,,
जीने दो इन्हें
मत फेको कचरे के डिब्बे में इन्हें
हमारे अग्रणी देश का सुनहेरा भविष्य है ये
इन्हें शिक्षित करें .. हमारा पूरा राष्ट्र शिक्षित होगा ......

हमारा भविष्य सुरक्षित होगा ..
हमारा देश प्रगति करेगा
बिना बेटियों के ये संसार अधूरा है
बिना बेटियों के देश नही चल सकता ...

इसलिए इन्हें अपना पूरा प्यार दें
और इन्हें बचाए ....
और कन्या भ्रूण हत्या रोके .............

"प्रियंका त्रिवेदी "

Sunday, December 4, 2011

ये ज़िन्दगी का सफ़र यूं ही गुज़र जायेगा ...............

ये ज़िन्दगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा
कभी हँसते हुए
कभी रोते हुए
हर लम्हा यूं ही बीत जायेगा
ये ज़िन्दगी की डगर
है नही आसान
लाखो कठिनाइयां हैं इसमें
इन कठिनाइयों को पार करके
जो अपनी मंजिल पा जायेगा
बस वही तो कामयाबी के
नये शिखर को छू पायेगा
वैसे तो कई हैं इस भीड़ में
पर कामयाब वही कहलायेगा
जो इन कठिन राहों पर
चलकर दिखायेगा
ये ज़िन्दगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा
हैं तो कई कहने को अपने
पर असलियत में अपना वही
कहलायेगा जो अपनी जिम्मेदारियों
को पूरी तरह से निभा जायेगा
ये ज़िन्दगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा .......
कभी सुख तो
कभी दुःख के साये
है इस ज़िन्दगी में
प्रकृति के निराले रंग
हैं इस ज़िन्दगी में
कभी धूप तो
कभी छाँव है ज़िन्दगी में
ये ज़िन्दगी भी क्या - क्या
खेल दिखाती है !!!!
कहीं दो वक्त की रोटी
भी नसीब नहीं होती
तो कहीं रोटी,
कूड़ेदान में जाती है
ये ज़िन्दगी भी क्या - क्या
खेल दिखाती है !!!!
कहीं रहने के लिए ,
छत ही नहीं
और कहीं महलों की गिनती ,
ही भूल जाती है !
ये ज़िन्दगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा .
कभी हँसते हुए
कभी रोते हुए
प्यारे लम्हों से,
सुहाना सफ़र लहलहायेगा
गहरे ज़ख्मों से ,,
ये दर्द फिर से
हरा हो जायेगा
जिंदगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा
अपनी असफलताओं से
कुछ सीखकर अपने जीवन
को सफल बनाना ही
इस ज़िन्दगी का लक्ष्य हो
इस लक्ष्य को जो
अपना बना पायेगा
वही तो इस ज़िन्दगी का ,,
असली लुत्फ़ उठा पायेगा ........
ज़न्दगी का सफ़र
यूं ही गुज़र जायेगा
यूं ही गुज़र जायेगा ..........
प्रियंका त्रिवेदी ...