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Monday, June 24, 2013

मोहब्बत ....

राह - ए - मोहब्बत  की मन्जिल दरकिनार नहीं  होती ,
जूनून - ए - मोहब्बत की राह खुशगवार  नहीं होती ,

यूँ  तो तमाम अडचनें आती हैं मोहब्बत की राह में ,
पर  वो मोहब्बत ही क्या  जो राह - ए -  बंदिशों  से गुलज़ार नहीं होती ,

सच्चे प्यार की कभी हार नहीं होती ,
क्योंकि सच्ची मोहब्बत अधिकार जताने का नाम नहीं होती !! 


-प्रियंका त्रिवेदी 

Tuesday, June 18, 2013

ये किधर चला तू .......

ग़मगीन करके  सारा जहां
तोड़ कर सारी बन्दिशें
छोड़ करके मुझे यूँ तन्हा
बिखेर कर ख्वाबों के शामियाने
चल दिया तू खुद से ही दूर
देने चला था तू मुझे ख़ुशी देने
बदले में खुद को ही गम दे गया
 खुद को ही गम दे गया !!


"प्रियंका त्रिवेदी"