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Thursday, December 4, 2014

Khuda Ki Inayat .....

आपसे मिले  ये खुदा  की इनायत थी ,
आपने चाहा  ये  हमारी शौहरत  थी ,
आपको पाया  हमारी   बरक्कत थी ,
कोई नहीं इस जग में हम सा खुशनसीब ,
जिसके पास आपसे प्यारी दौलत थी ,
मिलें  आपको दुनिया की हर एक खुशियाँ ,
खिलखिलाता रहे घर आँगन आपका सदा ,
बस इतनी ही है दुआ रब से,
आपके  दिल के छोटे से कोने में हो घर अपना। …


-प्रियंका त्रिवेदी

1 comment:

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर रचना...